हाल ही में अगर Bollywood से लेकर South Industry तक किसी के चर्चे हैं तो वह है धुरंधर के आदित्य धर, जब से Dhurandhar The Revenge रिलीज हुई है राजामौली से लेकर महेश बाबू व Allu Arjun तक उन्हें बधाई दे चुके हैं.

खैर सफलता के बाद तो कोई हुनर पहचाने या न पहचाने क्या फर्क पड़ता है, हम आपको आदित्य के संघर्ष के समय की कुछ अनोखी बातें शेयर करेंगे।
जैकी की Gardish ने आदित्य को फिल्मों की तरफ खींचा
आदित्य की पढ़ाई दिल्ली यूनिवर्सिटी से हुई है शुरू में वह क्रिकेटर बनना चाहते थे और अंडर-19 के लिए बतौर स्पिनर खेलते भी थे। लेकिन खेल की राजनीति की वजह से आगे उनका सिलेक्शन नहीं हुआ, और एक दिन जैकी श्रॉफ की फिल्म गर्दिश देख रहे थे तभी फिल्मों में डायरेक्शन की तरफ उनका रुझान जाग्रत हुआ।
बचपन से डिक्सलेसिया से पीड़ित
आपने आमिर खान की तारे जमीन देखी होगी जिसमें वह बच्चे के इर्द गिर्द कहानी घूमती है, वह बच्चा भी इसी बीमारी से पीड़ित था, इसमें पढ़ने लिखने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, खैर इसका फायदा यह हुआ आदित्य को पढ़ने की कोशिश में किस्से कहानियां सुनाई गई और जो बाद में फिल्म के डायरेक्शन व नरेशन में काम आई।
रेडियो जॉकी से लेकर Uri तक
शुरुआत में आदित्य जब मुंबई आए थे तब वह खर्च चलाने के लिए रेडियो जॉकी का काम करते थे, बाद में कुछ जगह पटकथा और गाने लिखने का काम किया लेकिन उन्हें काम का क्रेडिट नहीं मिलता था, प्रियदर्शन ने एक बार यह बात बताई भी थी।
निष्कर्ष
संघर्षों से लड़कर जो खड़े होते हैं वहीं अपनी फील्ड में ईमानदारी से काम कर पाते हैं और आज आदित्य को पूरी दुनिया जानती है, उन्होंने बहुत कम ही फिल्मों से अपने टैलेंट का लोहा मनवाया है और अपना नाम बॉलीवुड के निर्देशकों की टॉप लिस्ट में शामिल कराया है, आपको क्या लगता है कि आने वाले टाइम में धर साहब सबसे बड़े डायरेक्टर होंगे।
